– जिला स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का शुभारंभ
– भाग लेने वाले बच्चों से लेकर बड़ों में दिखा उत्साह
-6 स्तरों में होंगे आयोजन, महिला और पुरूष के अलग-अलग वर्ग
– दलीय एवं एकल श्रेणी में 14 तरह के पारंपरिक खेल होंगे शामिल
दुर्ग। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का प्रदेशव्यापी शुभारंभ गुरुवार को हुआ। तीन माह तक चलने वाले इस खेल आयोजन का उद्धाटन दुर्ग में विधायक अरूण वोरा ने किया। इस अवसर पर विधायक वोरा ने पारंपरिक खेल पिट्टूल में हाथ आजमा बचपन की यादों को ताजा किया। खास बात यह है कि इतने वर्ष बाद भी श्री वोरा का निशाना चुका नहीं और गेंद ने सीधे जाकर पिट्टूल को ढेर कर दिया। विधायक ने कहा कि उन्हें वही रोमांच महसूस हुआ जो उन्हें बचपन में खेलने पर प्रतीत होता था। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मंशानुरूप विलुप्त हो रहे छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय खेलों को पुनर्स्थापित करने का कार्य छत्तीसगढ़ शासन व प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के सभी परंपरागत खेलों को राज्य स्तर पर पहुंचाने के लिए मंच भी उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि युवा इन खेलों के प्रति आकर्षित हों। इस अवसर पर महापौर धीरज बाकलीवाल, सभापति राजेश यादव और खेल कूद प्रभारी मनदीप सिंह भाटिया ने भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया। इस दौरान गया पटेल, एमआईसी प्रभारी दीपक साहू, संजय कोहले, श्रद्धा सोनी, एल्डरमेन रत्ना नारमदेव सहित उपायुक्त मोहेंद्र साहू, ईई प्रमोद दुबे, एस.डी शर्मा, प्रकाश चंद थावनी, जितेंद्र समैया, अनिल सिंह, विनोद मांझी, आसमा डहरिया व अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलकूद को सम्मान देने के लिए विधायक अरूण वोरा की उपस्थिति में जे.आर.डी. स्कूल स्थित मैदान में खिलाड़ियों के बीच छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय खेल गिल्ली, डंडा, भौरा, बांटी, बिल्लस, फुगड़ी, लंगड़ी, खो-खो, कबड्डी, गेड़ी इत्यादि का प्रदर्शन किया गया। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में दलीय एवं एकल श्रेणी में 14 प्रकार के पारंपरिक खेलों को शामिल किया गया है। पारंपरिक खेलों की यह प्रतियोगिता 6 स्तरीय होगी। जोन स्तर, विकासखंड स्तर, नगर स्तर, जिला स्तर, संभाग स्तर और अंतिम में राज्य स्तर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इस प्रतियोगिता में युवा से लेकर बुजुर्ग सभी शामिल हो सकेगें। यह प्रतियोगिता 6 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 6 जनवरी 2023 तक चलेगी। पुरूषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग वर्ग निर्धारित होंगे जिनमें स्पर्धाओं का आयोजन किया जाएगा जिसमें टीम व एकल प्रतियोतिाएं सम्मिलित होंगी। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में पारम्परिक खेल प्रतियोगिताओं में दलीय श्रेणी के अंतर्गत गिल्ली डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी और बांटी (कंचा) जैसी खेल विधाएं शामिल की गई हैं। वहीं एकल की श्रेणी के अंतर्गत बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़ एवं लम्बी कूद शामिल है। आज जिले के सभी राजीव युवा मितान क्लब में भी छत्तीसगढ़िया ओलपिंक का विधिवत शुभारंभ किया गया।